क्या है सहाय योजना? आखिर क्या वजह है इस योजना को लागू करने के पीछे झारखण्ड के सीएम हेमंत सोरेन की।

झारखण्ड सरकार का सहाय योजना को लागू करने का यह कदम वाकई में तारीफ के काबिल है। इस योजना को लागू करने के पीछे का मकसद बहुत ही अच्छा है जिससे नक्सलवाद पर काबू पाया जा सकेगा और साथ ही नक्सलवादी इलाको में खेल को बढ़ावा दिया जा सकेगा। इस योजना का उद्घाटन झारखण्ड के सीएम हेमंत सोरेन के द्वारा 15 दिसम्बर 2021 को चाईबासा के एक कार्यक्रम में किया गया है।

सहाय योजना झारखण्ड 2021 रांची : झारखण्ड के सीएम हेमंत सोरेन के द्वारा उग्रवाद से प्रभावित झारखण्ड के पांच जिलों जिनमे सरायकेला-खरवासा, चाईबासा, खूंटी, सिमडेगा वा गुमला शामिल है। इनमे स्पाेर्ट्स एक्शन टूवर्डस हार्नसिंग एस्परेशन ऑफ यूथ (सहाय) योजना लागू करने का निर्णय लिया है, इस योजना के अंतरगत उग्रवाद से प्रभावित इलाको में पुलिस स्टेशनो वा प्रखंड कार्यलयो की और से अलग-अलग खेलो की प्रतियोगिताएं कराई जाएगी।

Sahay Yojana Jharkhand के अंतर्गत किन आयु के युवक वा युवतियों को मिलेगा मौका?

Sahay Yojana Jharkhand

बता दे के Sahay Yojana Jharkhand उग्रवाद से प्रभावित पांच जिलों के युवक वा युवतियों के लिए है इस योजना के अंतरगत 14 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के युवक वा युवती इस योजना में हिस्सा ले सकते है इस योजना में फूटबाल, वॉलीबॉल, एथलेटिक वा हॉकी जैसी प्रतियोगिता में युवक वा युवतिया हिस्सा ले सकते है।

योजना के जरिये प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, गुमला एवं सिमडेगा के 14 से 19 वर्ष के 72 हजार युवक-युवतियों को खेल के क्षेत्र में अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा। दूसरे चरण की प्रतियोगिताओ का आयोजन जिला स्तर पर किया जाएगा। तीसरे चरण की प्रतियोगिताओ का आयोजन राज्यस्तर पर किया जाएगा, साथ ही लोगो को कई ऐसे मुद्दों पर भी जागरूक किया जाएगा जिनको लेकर लोगो में अज्ञानता फैली हुई है। इन मुद्दों में मानव तस्करी, शिक्षा की कमी, कुपोषण, पलायन, बाल विवाह, वा डायन कुप्रथा शामिल है।

योजना एक फायदे अनेक

इस योजना को लागू करने के कई सारे लाभ है। इस योजना में क्षेत्रीय युवाओ का मजबूत डेटाबेस तैयार हो जाएगा क्योकि इस खेल प्रतियोगिता के लिए जिलों के पुलिस थानों को जिम्मेदारियां दी जाएगी जिनका काम टीमों के लिए युवाओ का पंजीकरण करना होगा तथा उनके स्कूल एवम शैक्षणिक विवरण के साथ युवाओ के स्वस्थ मापदंडो ( वजन, ऊंचाई वा बी ऍम आई ) व उनके माता-पिता के विवरण से मजबूत डेटाबेस बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रतियोगिता से कई पूर्व खिलाडी, पंचायत पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय प्रतिनिधि वा सामुदायिक नेताओ को भी जोड़ा जाएगा। बता दे के झारखण्ड सरकार ने इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

सहाय योजना से जुड़े सवाल

क्या है सहाय योजना?

यह एक प्रतियोगिता है जिसमे फूटबाल, वॉलीबॉल, एथलेटिक वा हॉकी जैसी प्रतियोगिता में युवक वा युवतिया हिस्सा ले सकते है।

यह योजना किन किन जिलों में लागू होगी?

उग्रवाद से प्रभावित झारखण्ड के पांच जिलों जिनमे सरायकेला-खरवासा, चाईबासा, खूंटी, सिमडेगा वा गुमला शामिल है इन पांचो जिलों में यह योजना लागू होगी।

यह प्रतियोगिता कितने चरणों में होगी?

यह प्रतियोगिता तीन चरणों में होगी।

किन आयु के युवक वा युवतियों को मिलेगा मौका?

14 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के युवक वा युवती इस योजना में हिस्सा ले सकते।

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